जयपुर। आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत, परंपराएं और सामूहिक जीवन-दर्शन भारत की ताकत हैं। आज आवश्यकता है कि आदिवासी युवाओं को शिक्षा, तकनीक और नेतृत्व के अवसरों से जोड़ते हुए उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया जाए। यह विचार सांसद मंजू शर्मा ने अमिटी विश्वविद्यालय में 17वें आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम" में व्यक्त किए। मंजू शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी समाज के लिए विशेष रूप से योजनाएँ तैयार की गई हैं। उन्होंने, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, वनबंधु कल्याण योजना, पीएम जनजाति विकास मिशन, स्किल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे आदिवासी युवाओं को शिक्षा और स्वरोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। केंद्र सरकार की योजनाओं ने आदिवासी युवाओं के जीवन में नए अवसर और नया आत्मविश्वास पैदा किया है। इस अवसर पर माय भारत पश्चिम के क्षेत्रीय निदेशक कृष्ण लाल पारचा, उप निदेशक (राजस्थान) ऋतु रानी , एमिटी कुलपति प्रो. अमित जैन , जिला युवा अधिकारी पंकज यादव सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद थे। सांसद मंजू शर्मा ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी पहचान और संस्कृति पर गर्व करते हुए आधुनिक शिक्षा और तकनीक को अपनाएं। सरकारी योजनाओं की जानकारी लें, उनका लाभ उठाएं और समाज के विकास में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा तभी पूरी होगी, जब योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसमें युवाओं की भूमिका सबसे अहम है।
AYUSH DHAWAN